एसटीडी (यौन संचारित रोग) – 6 STD (Sexually Transmitted Diseases)

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यौन संचारित रोग (Sexually transmitted diseases- STD) शब्द का उपयोग ऐसे रोगों के लिए किया जाता है जो योनि, गुदा (Anus) या ओरल सेक्स (Oral sex) द्वारा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में स्थानांतरित होते हैं। एसटीडी को यौन संचारित संक्रमण (Sexually transmitted infection- STI) या गुप्त रोग (Venereal disease) भी कहा जाता है। इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है कि एसटीडी केवल सेक्स द्वारा ही स्थानांतरित होते हैं। इनमें से कुछ रोगों का संक्रमण निम्न के माध्यम से भी प्रसारित किया जा सकता है:

  1. किसी रोगग्रस्त व्यक्ति की सुई (इंजेक्शन) या शेविंग ब्लेड उपयोग करने से।
  2. स्तनपान।
  3. खुले घावों या छिली हुई त्वचा से।
  4. संक्रमित व्यक्ति के बिस्तर या तौलिए के उपयोग द्वारा।

सबसे आम एसटीडी निम्नलिखित हैं –

जननांग दाद (Genital Herpes)

STD - GENITAL HERPES

डब्‍लूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में 50 वर्ष की उम्र के आयुवर्ग वाले लोगों में लगभग दो तिहाई प्रतिशत लोग हर्पीस से ग्रस्‍त हैं। दरअसल इस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं अनुभव होते। इस बीमारी का कोई इलाज भी नहीं है, हांलाकि अगर आपको इसकी जानकारी हो तो आप इससे बच सकते हैं और इसका इलाज जल्‍द से जल्द शुरु कर सकते हैं। हर्पीस एक यौन रोग है जो यौन संबंध द्वारा फैलता है। यह दो प्रकार का होता है, ओरल और दूसरा जेनिटल। इसे HSV 1 और HSV 2 वायरस भी कहते हैं। दुर्भाग्‍यवश इसके इलाज के लिये कोई दवा नहीं बनी है लकिन रिसर्च हो रही है।

गोनोरिया (Gonorrhea)

STD - गोनोरिया

गोनोरिया  एक यौन संचारित रोग है। इसे “द क्लैप (the clap)” भी कहा जाता है। इसके बैक्टीरिया महिलाओं व पुरुषों में तेजी से फैलते हैं। इस यौन संक्रमण से ग्रस्त होने के दो दिन से लेकर दो सप्ताह के अंदर पुरुषों को पेशाब में जलन और बाद में तरल या गाढ़ा मवाद या खूनी पेशाब आना इसका प्रमुख लक्षण है। स्त्रियों को पेशाब में जलन तथा सफेद डिस्चार्ज, पेडू (Pelvic) तथा कमर में दर्द, फैलोपियन ट्यूब्स में सूजन तथा बाँझपन होता है। सीडीसी के अनुसार, सुजाक का उपचार ना करने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

  1. समय से पहले प्रसव
  2. बांझपन
  3. नवजात शिशुओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं

गोनोरिया का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है।

क्लैमाइडिया (Chlamydia)

STD - CLAMYDIA

अमेरिका के सीडीसी के अनुसार क्लैमाइडिया बैक्टीरिया द्वारा फैलने वाला सबसे आम यौन संचारित संक्रमण है। बहुत से लोगों में क्लैमाइडिया के कोई लक्षण नहीं महसूस होते हैं। यदि होते हैं तो वो गोनोरिया की तरह ही होते हैं। इसका उपचार न करने पर निम्न परेशानियां हो सकती हैं:

  1.  (PID- Pelvic inflammatory disease)
  2. बांझपन
  3. नवजात शिशुओं में अंधेपन आदि समस्या

इसका भी इलाज एंटीबायोटिक्स से किया जाता है:

सिफलिस (Syphilis)

STD - syphillis

सिफिलिस भी एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो आम तौर पर संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संबंध रखने से होता है। सिफलिस को उपदंश भी कहा जाता है। यह प्रजनन अंगों से होने वाला संक्रमण है और यदि इसका जल्दी इलाज नहीं कराया जाता तो यह जटिलताओं का कारण बन सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदल सकता है।

उपचार न करने पर निम्न समस्याएं हो सकती हैं:

  1. पेरिफेरल तंत्रिका डैमेज
  2. ब्रेन डैमेज
  3. मृत्यु

नवजात शिशुओं के इससे ग्रस्त होने पर अक्सर उनकी मृत्यु हो जाती है।

ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) – Human papillomavirus (HPV) 

STD - HPV

HPV निम्न स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है: 

जननांग मस्से(Genital warts)

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर  (Cervical cancer)

मुख कैंसर (Oral cancer)

लिंग कैंसर (Penile cancer)

मल का कैंसर  (Rectal cancer)

योनि का कैंसर (Vulvar cancer)

एचपीवी का कोई इलाज नहीं है। हालांकि एक टीका उपलब्ध है, जो कुछ खतरनाक, एचपीवी के कारण होने वाले कैंसर से बचा सकता है।

ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) – Human immunodeficiency virus (HIV)

HIV यानि ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस एक विषाणु है जो बॉडी के इम्‍यून सिस्‍टम पर नकारात्‍मक प्रभाव ड़ालता है और व्‍यक्ति के शरीर में उसकी प्रतिरोधक क्षमता को दिनोंदिन कमजोर कर देता है। हर दो तीन दिन में बुखार महसूस होना और कई बार तेजी से बुखार आना, एचआईवी का सबसे पहला लक्षण होता है। पिछले कुछ दिनों में पहले से ज्‍यादा थकान होना या हर समय थकावट महसूस करना एचआईवी का शुरूआती लक्षण होता है। एचआईवी में मरीज का वजन एकदम से नहीं घटता है। हर दिन धीरे-धीरे बॉडी के सिस्‍टम पर प्रभाव पड़ता है और वजन में कमी होती है।

अन्य एसटीडी (Other STDs)

अन्य, कम सामान्य एसटीडी इस प्रकार हैं:

  1. शैनक्रोइड (Chancroid)
  2. लिंफोग्रेन्युलोमा वेनेरियम (Lymphogranuloma venereum)
  3. मोलस्कम कंटागियोसम (Molluscum contagiosum)
  4. प्यूबिक जूँ (Pubic lice)
  5. खाज (Scabies)

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